The Basic Principles Of Dosti Shayari

वह दोस्तों के साथ बिताया बचपन भी कितना प्यारा था

दिखा दें दुनिया को, दोस्ती में है कितना रोष।

तू जब गुस्से में होता है, मैं उसे मस्ती में बदल देता हूँ,

पर दिल तोड़ना लड़कियों ने सिखाया, हड्डियाँ तोड़ना यारों ने।

“तेरी यारी ने दिल को छू लिया, अब प्यार बस उस राह चला।”

दोस्ती का असली मजा तो तभी आता है, जब तू मुझे छोड़ कर नहीं जाता है!

तेरी दोस्ती के साये में ज़िंदा हैं अब तक,

पर अगले ही पल साथ बैठ कर हंसी के फव्वारे भी चला लेते हैं!

“सच्ची दोस्ती में Dosti Shayari ना शर्त, ना कोई फैसला।”

तेरा साथ मिले तो हर फिक्र दूर हो जाती है,

पाँच मिनट बाद वही दोस्त मुझे… “खो गए क्या?” कह कर मजाक उड़ाते हैं!

कौन कहता है कि दोस्ती-यारी बर्बाद करती है,

मेरी दोस्ती में कोई तुझसे बड़ा नहीं आए।

लेकिन अंत में, हम दोनों ही तो दोस्त हैं, जो कभी अलग नहीं हो सकते!

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